बाहर से आये लोगों पर निगरानी रखें ग्राम प्रधानः जिलाधिकारी

जौनपुर। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर जनपद के सभी ब्लॉकों में खण्ड विकास अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, थानाध्यक्ष, ग्राम प्रधान के साथ कोरोना संक्रमण के संबंध में बैठक की गयी। तहसील स्तर के ब्लाक पर उपजिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुये। बैठक में निगरानी समितियों के कार्यों की समीक्षा की गयी तथा प्रधानों को जागरूक किया गया। बैठक में सभी को कोरोना से बचने के उपाय और आयुष मंत्रालय द्वारा जारी किये गये निर्देशों से अवगत कराया गया। आरोग्य सेतु और आयुष कवच ऐप को भी डाउनलोड करने के लिये प्रेरित किया गया। सिकरारा विकास खण्ड में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि प्रधान गांव के मुखिया हैं उनकी जिम्मेदारी है कि बाहर से आए लोगों पर निगरानी रखें। गांव में कोरोना संदिग्ध का पता चलते ही उसकी सूचना निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर दें। ग्राम प्रधान निगरानी समिति के अध्यक्ष होते हैं, प्रतिदिन निगरानी समिति की बैठक अवश्य करें। कोरोना संक्रमण की स्थिति पर चर्चा कर आगे की रणनीति बनाएं। आंगनबाड़ी, आशा भी नियमित गांव का भ्रमण कर तथा ऐसे व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त करें जिनमें खांसी, जुकाम, बुखार या सांस लेने की समस्या हो। ग्राम प्रधानों ने बताया कि आशा गांव में बिना थर्मल स्कैनर लेकर जाती हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि आशा गांव में जब भी जायेंगी तो थर्मल स्कैनर तथा पल्स ऑक्सीमीटर उनके साथ होना चाहिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सिकरारा बाजार के प्रत्येक दुकानदार का कोरोना टेस्ट करें। जिन व्यक्तियों में भी खांसी, जुकाम, बुखार या सांस लेने में दिक्कत हो वह लापरवाही न बरतें। तत्काल बिना डरे निकटतम सीएचसी पर टेस्ट करायें। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों को पहले से ही टीबी, ब्लड प्रेशर, शुगर अथवा किडनी की बीमारी हो, 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे तथा गर्भवती महिलाओं को कोरोना से ज्यादा खतरा होने की संभावना रहती है इसलिए ऐसे लोग घरों से बाहर न निकले तथा भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाएं। कोई भी व्यक्ति घर से बाहर आवश्यक कार्य होने पर ही निकले। बाहर निकलने पर मास्क अवश्य लगाएं तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। जिलाधिकारी ने झोलाछाप डाक्टरों को चेतावनी देते हुए सख्त निर्देश दिया है कि वह अपनी दुकानें बंद करें। छोलाछाप डाक्टरों की जांच के लिए टीम बना दी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों को खांसी, बुखार, जुकाम तथा सांस लेने में दिक्कत हो वे अपने ब्लॉक के स्वास्थ्य केन्द्र अथवा जिला अस्पताल में इलाज करायें।

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