जौनपुर। पूर्वांचल की आस्था का केंद्र शीतला चौकियां धाम में श्री राम कथा प्रवचन के दूसरे दिन कथावाचक डा. अखिलेश पाठक ने कहा कि ‘बिनु सत्संग विवेक न होई राम कथा बिनु सुलभ न कोई’। आज के कलिकाल में लोगों को सत्संग की आवश्यकता है। बिना सत्संग प्रवचन से ज्ञान बुद्धि का विवेक नहीं होगा। संतों के दर्शन बिना परमात्मा की कृपा से संभव नहीं हैं। संत गुरु की कृपा से ही परब्रह्म मिलते हैं। सदगुरु संत के दर्शन मात्र से पाप का नाश होता है। वाराणसी से पधारे कथा वाचक डा. मदन मोहन मिश्र ने प्रतिदिन दिनचर्या की पूजा पद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परमात्मा का पूजन प्रसन्न मन व भाव से करना चाहिये। प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठना व अपने हस्तरेखा में विराजमान शक्तियों महालक्ष्मी, मां सरस्वती व नारायण का दर्शन करना चाहिये। सुबह-सुबह नित्य क्रिया स्नान आदि करने के बाद घर के मन्दिर में विराजमान ठाकुर जी को प्रसन्न मन से प्रतिदिन स्नान कराकर दिव्यतम वस्त्र, दिव्य भोग प्रसाद का अर्पण करना चाहिये। भोग प्रसाद में तुलसी दल जरूर रखें। आरती के समय परिवार के सभी लोग एक साथ आरती करें। घर में भोजन प्रसाद बनने के बाद ठाकुर जी को भोग लगायें। गाय को प्रसाद देने के बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिये। ऐसे परिवार में परमात्मा की कृपा दृष्टि बनी रहेगी। सुख शांति धन वैभव यश की प्राप्ति होगी। इस अवसर पर रामआसरे साहू, त्रिलोकी नाथ श्रीमाली, हनुमान त्रिपाठी, सुरेंद्र त्रिपाठी, मदन गुप्ता, प्रविंद्र तिवारी, शिव आसरे गिरी, सुरेंद्र गिरी आदि उपस्थित रहे।
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