यह योजना आधुनिक युग का मानो वह शुभ आदेश है, जिसके माध्यम से सूर्य स्वयं प्रत्येक गृह को प्रकाश और शक्ति की सौगात प्रदान कर रहा है। इस पहल से न केवल विद्युत व्यय में उल्लेखनीय कमी आती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
श्री राममूरत यादव ने जनसामान्य को प्रेरित करते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत अपने आवास की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित करने वाले प्रत्येक परिवार को वर्ष भर में 300 यूनिट तक निःशुल्क विद्युत की सुविधा प्राप्त होती है। साथ ही सोलर पैनल की स्थापना पर 40 प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान की जाती है, जिससे मासिक विद्युत व्यय में उल्लेखनीय राहत मिलती है।
उन्होंने आगे कहा कि जब घर सूर्य की स्वच्छ ऊर्जा से आलोकित होते हैं, तब न धुआँ उठता है और न ही कार्बन उत्सर्जन का भार बढ़ता है। इससे स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ता है और पर्यावरणीय संतुलन बना रहता है। श्री यादव ने जनमानस से आह्वान किया कि वे इस योजना को अपनाकर न केवल अपने घरों को, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी उज्ज्वल बनाएं।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने श्री राममूरत यादव को अंगवस्त्र एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ शीघ्रता से उठाएं तथा ऊर्जा संरक्षण के माध्यम से देश और पर्यावरण निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें।

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