त्वरित न्याय प्रक्रिया में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल

जौनपुर।जनपद के वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय संतोष कुमार श्रीवास्तव ‘संतोषी बाबू’ की 20वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं “त्वरित न्याय प्रक्रिया में न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका एवं अधिवक्ता की भूमिका” विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रयागराज उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति श्रीमती वाणी रंजन अग्रवाल ने कहा कि त्वरित न्याय प्रक्रिया में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिवक्ता वादकारी और न्यायाधीश के बीच सेतु का कार्य करता है तथा न्यायपालिका के प्रति आम जनमानस में जो सम्मान है, उसे और बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद संविधान निर्माण में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पं. जवाहरलाल नेहरू और डॉ. भीमराव अंबेडकर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और ये सभी महान पुरुष अधिवक्ता भी थे। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने कहा कि विधि और न्याय को समय के साथ परिवर्तित होते रहना चाहिए। उन्होंने स्व. संतोषी बाबू को एक विद्वान और न्यायप्रिय अधिवक्ता बताते हुए कहा कि वे सदैव न्याय हित में कार्य करते रहे।
न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने कहा कि आप सभी के आशीर्वाद और शुभकामनाओं से उन्हें उच्च न्यायालय तक पहुंचने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वे त्वरित न्याय के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही हैं तथा अधिवक्ता बार और बेंच को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में जिला जज सुशील कुमार शशि ने कहा कि न्याय केवल जज से नहीं होता, बल्कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद जो निर्णय लिया जाता है, वही सच्चा न्याय होता है। अधिवक्ता को अपने वादकारी के प्रति ईमानदार रहना चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को जनमानस का मस्तिष्क बताते हुए उन्हें कर्मयोगी की संज्ञा दी।
स्वागत भाषण में अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि अधिवक्ता सदैव न्याय हित में कार्य करता है और जौनपुर अधिवक्ता संघ का नाम देश भर में सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा एवं असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने फोन कर कार्यक्रम में उपस्थित न हो पाने पर खेद व्यक्त करते हुए स्व. संतोषी बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इससे पूर्व सेमिनार का उद्घाटन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मंत्री रण बहादुर यादव ने किया तथा आभार कार्यक्रम संयोजक राजेश श्रीवास्तव ‘बच्चा भईया’ एडवोकेट ने व्यक्त किया।
सेमिनार में पूर्व अध्यक्ष आर.पी. सिंह, सत्येन्द्र बहादुर सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, राजीव गुप्ता, प्रेम शंकर मिश्रा, जितेन्द्र उपाध्याय, ब्रज नाथ पाठक, प्रेम नाथ पाठक, रमेश चंद उपाध्याय, अवधेश सिंह, डीजीसी क्रिमिनल लाल बहादुर पाल, डीजीसी सिविल मनोज गुप्ता सहित जिले भर के हजारों अधिवक्ता उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।
कार्यक्रम के उपरांत न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने चौकियां धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया तथा तत्पश्चात प्रयागराज के लिए प्रस्थान किया।

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