गरजे तूफानी सरोज, बोले 9 की 9 सीटें जीतकर दिखाएंगे
आरिफ़ हुसैनी
जौनपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद केराकत विधायक तूफानी सरोज ने पार्टी के भीतर सामने आए कथित विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल हुए पत्र को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने सपा जिला अध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे “घोर अनुशासनहीनता” बताया और संगठनात्मक मर्यादाओं का पालन करने की नसीहत दी।
“संगठन के अंदर ही सुलझाए जाएं मतभेद”
तूफानी सरोज ने कहा कि पार्टी में कार्यक्रमों को लेकर दिशा-निर्देश जिला स्तर पर दिए जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गतिविधियों को किसी एक स्थान तक सीमित कर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मान्यवर कांशीराम जी की जयंती जैसे अवसरों पर पूरे प्रदेश में विभिन्न विधानसभाओं में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने कहा, “यदि जिला अध्यक्ष को किसी कार्यक्रम से आपत्ति थी, तो उन्हें प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराना चाहिए था। राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पत्र लिखकर उसे सोशल मीडिया और प्रेस में वायरल करना संगठन की गरिमा के खिलाफ है।”
केराकत में कार्यक्रम को बताया ऐतिहासिक
अपने क्षेत्र केराकत में आयोजित कार्यक्रम पर उठे सवालों का जवाब देते हुए तूफानी सरोज ने कहा कि यह आयोजन कार्यकर्ताओं की मांग पर किया गया था। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे।
उनके अनुसार, “करीब 300 से अधिक लोगों ने रजिस्टर में हस्ताक्षर किए, जबकि सैकड़ों लोग भीड़ के कारण हस्ताक्षर नहीं कर सके। यह कार्यकर्ताओं के उत्साह और समर्थन का प्रमाण है।”
PDA रणनीति को बताया जीत की कुंजी
सपा नेता तूफानी सरोज ने पार्टी की वैचारिक दिशा पर बात करते हुए अखिलेश यादव की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को निर्णायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस विचारधारा को स्वीकार कर रही है और समाजवादी पार्टी को अपने हितों की सच्ची प्रतिनिधि मान रही है।
उन्होंने जोड़ा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष की इस सोच से पार्टी का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले चुनावों में इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।”
गुटबाजी की अटकलों को किया खारिज
पार्टी में ‘दो फाड़’ या गुटबाजी की चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए तूफानी सरोज ने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि संगठन में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं हैं।
उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, “चुनाव आने दीजिए, राष्ट्रीय अध्यक्ष जिसे भी साइकिल पर बैठाकर मैदान में भेजेंगे, हम सभी मिलकर 9 की 9 सीटें जीतकर दिखाएंगे।”
अनुशासन और एकजुटता पर जोर
तूफानी सरोज ने अपने बयान के माध्यम से साफ संकेत दिया कि पार्टी के भीतर अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर सार्वजनिक विवाद को बढ़ावा देना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें।
तूफानी सरोज के इस बयान ने जौनपुर की सियासत में हलचल तेज कर दी है। एक ओर उन्होंने अनुशासन का सख्त संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर 9 की 9 सीटें जीतने का दावा कर सपा कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की है।

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