लखनऊ में सुन्नी-शिया एकजुटता की मिसाल, आयतुल्लाह अली ख़ामेनई की शहादत पर श्रद्धांजलि, अमीक जामेई ने उठाई मज़लूमों की आवाज़

लखनऊ में सुन्नी-शिया एकजुटता की मिसाल, आयतुल्लाह अली ख़ामेनई की शहादत पर श्रद्धांजलि, अमीक जामेई ने उठाई मज़लूमों की आवाज़

लखनऊ । सुन्नी समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरुओं से मुलाकात कर ईरान के पूर्व सर्वोच्च लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनई की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया। इस मुलाकात में दोनों समुदायों के नेताओं ने उम्मा की एकता और आपसी भाईचारे को मज़बूत करने का आह्वान किया ।
प्रतिनिधिमंडल में रिटायर्ड आईएएस अनीस अंसारी, तारिक सिद्दीकी, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई, रेहान नईम, सैफ नकवी, मोहम्मद खालिद, मलिक फैसल, वसीम हैदर, जावेद अहमद, आसिफुज ज़मान, अजीज हैदर और मेहदी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं । 
उन्होंने मौलाना डॉ. सैयद कल्बे जव्वाद नकवी, मौलाना सैफ अब्बास नकवी, मौलाना यासूब अब्बास और मौलाना जहांगीर आलम कासमी से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की ।
इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा कि आयतुल्लाह खामनेई मज़लूमों की आवाज़ थे और फिलिस्तीन के समर्थन में उनका रुख पूरी उम्मा को एकजुट करता था । उन्होंने कहा कि इजरायल की नीतियों से फिलिस्तीनी लंबे समय से पीड़ित हैं और आज पूरी दुनिया को न्याय और इंसाफ के लिए एकजुट होने की जरूरत है ।
मौलाना डॉ. कल्बे जव्वाद नकवी ने सुन्नी प्रतिनिधिमंडल का आभार जताते हुए कहा कि यह मुलाकात सुन्नी-शिया एकता का मजबूत पैगाम देती है, उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में भाईचारे का यह जज़्बा ही उम्मा की ताकत है ।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह दुख केवल ईरान या किसी एक फिरके का नहीं, बल्कि इंसाफ और इंसानियत में यकीन रखने वालों का साझा ग़म है, उन्होंने पश्चिम एशिया में अमन और न्यायपूर्ण समाधान की जरूरत पर भी जोर दिया । 

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