“गोमती को बचाने की जंग शुरू: अमीक़ जामेई ने संभाली कमान, जनता से की अपील”

“गोमती को बचाने की जंग शुरू: अमीक़ जामेई ने संभाली कमान, जनता से की अपील”
जौनपुर। शहर में गोमती नदी की बिगड़ती हालत और रिवरफ्रंट व एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) प्रोजेक्ट की विफलता को लेकर राजनीति गरमा गई है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक़ जामेई ने खुद गोमती घाट पर सफाई अभियान में शामिल हुए और नदी को बचाने का संदेश दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में अब तक नाले और सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है, जिसके कारण शहर की गंदगी सीधे नालों के जरिए गोमती में गिर रही है। उन्होंने कहा कि “गोमती हमारे लिए माँ के समान है, लेकिन इसकी वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है।”
अमीक़ जामेई ने एसटीपी प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रिवरफ्रंट निर्माण के दौरान शाही पुल के चार दरवाजे बंद कर नदी की प्राकृतिक धारा को मोड़ना एक बड़ी गलती है। उनका दावा है कि यह निर्णय भविष्य में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकता है और शहर के डूबने का खतरा बढ़ा सकता है।
उन्होंने वर्ष 1977 की तर्ज पर संभावित सैलाब का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
इस दौरान अमीक़ जामेई ने शहरवासियों द्वारा गोमती को स्वच्छ बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “जौनपुर के लोग जागरूक हैं, लेकिन अब और अधिक सक्रिय भागीदारी की जरूरत है, तभी हम अपनी गोमती को स्वच्छ और सुरक्षित रख पाएंगे।”
शहर में इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है और प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

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