जौनपुर में विनाशकारी तूफान के बाद बिजली विभाग की मुस्तैदी ने जीता दिल

जौनपुर में विनाशकारी तूफान के बाद बिजली विभाग की मुस्तैदी ने जीता दिल

आरिफ़ हुसैनी 

जौनपुर । बुधवार को आए भीषण चक्रवाती तूफान ने पूरे जनपद में भारी तबाही मचाई। तेज़ हवाओं और आंधी की रफ्तार इतनी अधिक थी कि सैकड़ों पेड़ जमींदोज़ हो गए और कई घरों को भी नुकसान पहुँचा। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा, जहां जिले भर में सैकड़ों बिजली के खंभे टूटकर गिर गए और कई स्थानों पर हाईटेंशन तार भी धराशायी हो गए।
नगर क्षेत्र की स्थिति और भी गंभीर रही, जहां जगह-जगह पेड़ बिजली के पोल पर गिर गए, जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। आम जनजीवन ठप हो गया और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विधुत वितरण उपखंड जौनपुर नगर उत्तरी के एसडीओ मोहम्मद रौशन ज़मीर के अनुसार, उत्तरी क्षेत्र में भारी नुकसान दर्ज किया गया। उर्दू सेक्शन में 12, सिपाह क्षेत्र में 26 तथा अहियापुर व कोतवाली क्षेत्र में 10 बिजली के पोल गिर गए। वहीं विधुत वितरण उपखंड नगर दक्षिणी क्षेत्र के एसडीओ विनोद प्रजापति ने बताया कि मातापुर में 5, जगदीशपुर में 3, नाईगंज में 1 तथा टीडी कॉलेज चांदमारी क्षेत्र में 1 पोल गिर गया।
इतनी बड़ी आपदा के बावजूद बिजली विभाग ने जिस तेजी और तत्परता से काम किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। एक्सीयन सचिन कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में जैसे ही तूफान थमा, तुरंत ही दोनों उपखंडों के एसडीओ मोहम्मद रौशन ज़मीर और विनोद प्रजापति अपनी पूरी टीम के साथ मैदान में उतर गए। जेई और कर्मचारियों ने दिन-रात एक कर दिया और बिना किसी देरी के युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया।
कठिन परिस्थितियों, टूटे रास्तों और लगातार बाधाओं के बावजूद बिजली विभाग की टीम ने महज 12 से 20 घंटों के भीतर अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। वहीं जिन इलाकों में नुकसान ज्यादा था, वहां भी करीब 30 घंटे की लगातार मेहनत के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य कर दी गई।
बिजली विभाग के इस सराहनीय प्रयास से जहां एक ओर जनजीवन तेजी से पटरी पर लौटा, वहीं दूसरी ओर लोगों ने भी राहत की सांस ली। स्थानीय नागरिकों ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जमकर प्रशंसा की और कहा कि विपरीत परिस्थितियों में जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ टीम ने कार्य किया, वह वास्तव में प्रेरणादायक है।
इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन और विभागीय टीम समर्पण के साथ कार्य करती है, तो बड़ी से बड़ी आपदा का सामना भी मजबूती से किया जा सकता है।

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