जौनपुर। जनपद में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2023 से निरंतर प्रगति दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा HLF PPT एवं PPSA जैसी पहलों के माध्यम से सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य सेवाओं के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे टीबी मरीजों की पहचान, पंजीकरण और उपचार में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों का असर अब निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। निजी स्वास्थ्य संस्थानों से नियमित रूप से टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया जा रहा है, जिससे पहले छूट जाने वाले मरीजों को भी उपचार की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
इसके साथ ही, फील्ड स्टाफ द्वारा घर-घर जाकर सैंपल कलेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल से मरीजों को जांच के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और समय पर बीमारी की पहचान सुनिश्चित हो रही है।
मरीजों को निःशुल्क जांच एवं दवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। इससे मरीजों को उपचार जारी रखने में सहूलियत मिल रही है। इसके अतिरिक्त, काउंसलिंग, नियमित फॉलो-अप और मरीज सहयोग के माध्यम से उन्हें उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के इन समेकित प्रयासों से जनपद में टीबी के प्रति जागरूकता में वृद्धि हुई है तथा उपचार सफलता दर में भी सुधार दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी और फील्ड स्तर पर सुदृढ़ कार्यप्रणाली के चलते जौनपुर जनपद “टीबी मुक्त भारत” के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।

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