जौनपुर। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर संचारी रोग नियंत्रण अभियान (1 से 31 जुलाई) और "दस्तक" अभियान (11 से 31 जुलाई) के तहत उमा नाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर में मानसून के दौरान फैलने वाले संक्रामक एवं वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) आर. बी. कमल ने बताया कि वर्षा ऋतु में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, स्क्रब टायफस, वायरल फीवर, दस्त, टाइफाइड सहित अन्य संक्रामक रोगों के खतरे को देखते हुए अस्पताल में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं। जांच सुविधाएँ, आवश्यक दवाएं, प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ तथा आपातकालीन सेवाएँ पूरी तरह उपलब्ध हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए. जाफरी ने बताया कि अस्पताल की तैयारियों की नियमित निगरानी की जा रही है और सभी स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह ने बताया कि चिकित्सा महाविद्यालय के साथ-साथ शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (यूएचटीसी), रहूलाबाद में विशेष फ्लू क्लिनिक संचालित किया जा रहा है, जहां बुखार, खांसी, सर्दी और वायरल संक्रमण के मरीजों की स्क्रीनिंग एवं उपचार किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।
अभियान के तहत पोस्टर, बैनर, स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम, विद्यालयों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, जलभराव रोकने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। "दस्तक" अभियान के अंतर्गत आशा कार्यकर्ता एवं एमएसडब्ल्यू घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच और उपचार से जोड़ रहे हैं।
प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) आर. बी. कमल ने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपने घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखें, जलभराव न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं तथा बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें, ताकि संक्रामक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।

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