सत्कर्म को तत्काल करना चाहिये: डा. मदन मोहन
केराकत, जौनपुर। सत्कर्म को तुरन्त करना चाहिये और संघर्ष को कल पर टाल देना चाहिए। हो सकता है तो समझौता हो जाय। समाज में अपराध होने से बच जाय। उक्त बातें स्थानीय नगर के कमलापुरी निवास में 3 आयोजित दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव में वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा मदन मोहन मिश्र ने कही।
किष्किन्धा काण्ड की चर्चा करते हुए डा. मिश्र ने बताया कि महात्मा जीवात्मा को परमात्मा के पास पहुंचा देता है। सुग्रीव अपनी आँख पर विश्वास न करके संत हनुमान की आंख पर विश्वास किया। जीव की आंखें धोखा खा सकती हैं लेकिन संत की आंख से देखने पर धोखा का प्रश्न ही नहीं उठता। हनुमान जी महराज अपने को मंद मोह वश कहकर बताया कि हमें वैभव और पद प्रतिष्ठा में भी विनम्र रहना चाहिए।
इस दौरान कथा वाचक का स्वागत आयोजक अरुण कुमार ने किया। इस अवसर पर तमाम लोगों की उपस्थिति रही। अन्त में अजीत कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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