जौनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के निर्देशन में बुधवार को निःशुल्क वृद्धजन आवास वृद्धाश्रम, सैद अलीपुर सदर, जौनपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुशील कुमार सिंह, सिविल जज सीडि./सचिव तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय कुमार पाण्डेय ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। वृद्धजनों ने किसी प्रकार की विशेष समस्या नहीं बताई। साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
सचिव सुशील कुमार सिंह ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माता-पिता के भरण-पोषण की जिम्मेदारी संतान की होती है। यदि भोजन, वस्त्र, आवास, चिकित्सा अथवा अन्य आवश्यकताओं को लेकर परेशानी हो तो संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर भरण-पोषण की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि भरण-पोषण अधिकरण द्वारा आवेदन पर शीघ्र कार्रवाई का प्रावधान है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय कुमार पाण्डेय ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यहां आश्रमवासियों के लिए आवास, नियमित पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य देखभाल, मनोरंजन तथा निःशुल्क व्यायाम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सहायता के संबंध में भी जानकारी दी।
इस अवसर पर रमेश उपाध्याय, प्रबंधक, रवि कुमार चौबे, स्टोर कीपर, ज्योति विश्वकर्मा, लेखाकार, महिला देवी, केयरटेकर, राम सिंह, रसोइया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा इस तरह के जागरूकता शिविरों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों सहित कमजोर वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक किया जाता है।

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