क्षेत्राधिकारी मड़ियाहूं एवं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण से हुई है शिकायत
एक माह बीतने के बाद भी थानाध्यक्ष के खिलाफ क्यों नहीं हुई कार्यवाही?
जौनपुर। देश के चौथे स्तम्भ कहे जाने वाले पत्रकार को मां की गाली देने वाले थानाध्यक्ष रामपुर के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही न होने पर जहां पीड़ित पत्रकार सहित पूरा परिवार भय एवं दहशत के साये में जी रहा है, वहीं थानाध्यक्ष का हौंसला भी बढ़ा हुआ है। इसको लेकर रामपुर बाजार सहित जिला मुख्यालय से लेकर सूबे की राजधानी तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। फिलहाल चहुंओर इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है कि जब पत्रकार को गाली देने वाले थानाध्यक्ष रामपुर के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गयी तो आमजन का क्या होगा?
बता दें कि बीते 23 अगस्त को गुमशुदगी के एक मामले में जानकारी लेने के लिये पत्रकार सोनू गुप्ता ने थानाध्यक्ष रामपुर रमेश सरोज से दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क किया। आरोप है कि बातचीत के दौरान कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुये पत्रकार को घर से उठाने की धमकी थानाध्यक्ष ने दी। पीड़ित पत्रकार के अनुसार फोन पर बातचीत के करीब 15 से 20 मिनट बाद थानाध्यक्ष श्री सरोज पुलिस टीम के साथ उनके घर पहुंच गये जिन्होंने बिना किसी वारण्ट के घर की तलाशी लेते हुये उनकी मां एवं पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, थाना भेजने के लिये दबाव बनाते हुये ऐसा न करने पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जेल भेजने की बात भी कही गयी।
उक्त प्रकरण को पत्रकारों का एक दल उसी समय जिला मुख्यालय पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण से मिलकर लिखित रूप से शिकायत किया। वहीं गालीबाज थानेदार की शिकायत को लेकर पत्रकारों का एक दल क्षेत्राधिकारी मड़ियाहूं विजय चौधरी से भी मिला। दोनों अधिकारियों से पत्रकारों ने बताया कि उक्त प्रकरण में थानाध्यक्ष रमेश सरोज का वर्जन जानने के लिये फोन करने वाले पत्रकार को मां की गाली दी गयी। साथ ही पूरी फोर्स के साथ पत्रकार के घर पहुंचकर धमकी भी दी गयी। थानाध्यक्ष के इस कृत्य से जहां पत्रकार की बीमार एवं बूढ़ी मां सहित पत्नी, बच्चे आदि भयभीत हैं, वहीं ग्रामवासी इस प्रकरण का गलत अर्थ निकाल रहे हैं।
ऐसे में पत्रकार की छवि भी धूमिल हो रही है। पीड़ित पत्रकार के अनुसार मां, पत्नी, पड़ोसी द्वारा उक्त प्रकरण में क्षेत्राधिकारी कार्यालय में बयान भी लिया गया लेकिन आज इतने दिन बीतने के बावजूद भी थानाध्यक्ष रामपुर रमेश सरोज के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी। ऐसे में जहां मेरे अलावा परिवार के सभी लोग भयभीत एवं दहशत में हैं, वहीं एक कलमकार के साथ बदतमीजी करने वाले थानाध्यक्ष का हौंसला बुलन्द है जो कभी भी कुछ कर सकते हैं।

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